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Abua Awas Yojana: झारखंड के 8 लाख गरीब परिवारों को 3 कमरों का पक्का घर देने वाली राज्य योजना की पूरी जानकारी

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झारखंड एक ऐसा राज्य है jahaan आज भी लाखों परिवार कच्चे घरों में, झुग्गियों में, या फिर बिना किसी छत के guzar-basar कर रहे हैं. साल 2016 से Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin (PMAY-G) के तहत राज्य में लगभग 16 लाख पक्के घर बने और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना के तहत करीब 50 हजार और परिवारों को आवास मिला, लेकिन फिर भी ज़मीनी हकीकत यह है कि अभी भी एक बड़ा वर्ग ऐसा है jiske paas सिर ढकने के लिए पक्की छत नहीं है. इसी कमी को पूरा करने के लिए झारखंड सरकार ने अपनी एक state-sponsored housing scheme launch की, जिसका naam है Abua Awas Yojana (AAY). इस article में हम इस योजना के हर पहलू को detail में samjhayenge ताकि कोई भी पात्र परिवार सही जानकारी के साथ apply कर सके और अपने हक का घर पा सके.

Abua Awas Yojana
Abua Awas Yojana

Abua Awas Yojana क्या है और kab शुरू हुई

“अबुआ” शब्द संथाली भाषा से आया है jiska मतलब होता है “हमारा”. यानी “अबुआ आवास” का सीधा अर्थ है “हमारा घर”. इस yojana की घोषणा झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री Hemant Soren ने 15 अगस्त 2023 को मोरहाबादी मैदान, रांची से की थी, और 19 अक्टूबर 2023 को राज्य कैबिनेट ने इसे formal approval दे दी. योजना का मकसद ek-line में यह है कि राज्य के उन सभी ग्रामीण परिवारों को 31 मार्च 2026 तक पक्का घर उपलब्ध कराया जाए जो अभी तक किसी भी central या state housing scheme का लाभ नहीं ले पाए हैं या जिन्हें छूट गया मान लिया गया था.

राज्य सरकार ने इस योजना के लिए लगभग Rs. 15,000 से Rs. 16,320 करोड़ तक का बजट निर्धारित किया है, और लक्ष्य रखा गया है कि कुल 8 लाख परिवारों को इस अवधि में तीन कमरों वाला pucca house मुहैया कराया जाए. यह योजना पूरी तरह से Rural Development Department, Government of Jharkhand द्वारा implement की जा रही है और इसका official portal aay.jharkhand.gov.in है, जहाँ scheme से जुड़ी notifications, mobile apps और data entry verification reports publish होती रहती हैं.

योजना kyun launch करनी पड़ी

Yahaan एक context समझना ज़रूरी है. केंद्र सरकार की PMAY-G के तहत झारखंड को 2016 से लगातार आवास मिल रहे थे, लेकिन राज्य सरकार का कहना था कि करीब 8 लाख eligible परिवार ऐसे हैं jo SECC 2011 data की वजह से list से छूट गए या जिनकी entry गलत तरीके से “not eligible” दर्ज हो गई. नवंबर 2022 में मुख्यमंत्री Hemant Soren और फरवरी 2023 में तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री Alamgir Alam ने केंद्र से बार-बार आग्रह किया कि इन छूटे हुए परिवारों को PMAY-G में जोड़ा जाए, परंतु यह माँग पूरी न हो सकी. इसी पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से एक नई state-funded housing scheme लाने का फैसला किया, और वही योजना आगे चलकर Abua Awas Yojana के नाम से जानी गई.

क्या मिलेगा इस योजना के तहत

Abua Awas Yojana के तहत हर पात्र परिवार को एक तीन कमरों वाला पक्का घर बनाने के लिए कुल Rs. 2,00,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है. यह घर लगभग 31 वर्ग मीटर (square meters) के plinth area पर बनता है jismein तीन कमरों के अलावा एक रसोई और शौचालय भी शामिल होता है. ध्यान देने वाली बात यह है कि घर का design ऐसा रखा गया है कि उसमें modern सुविधाओं का ध्यान रखा गया हो और परिवार को बारिश, गर्मी या ठंड से बचाव के साथ-साथ एक dignified living space मिल सके.

केवल पैसा ही नहीं, बल्कि इस yojana के साथ MGNREGA के तहत 95 दिन की unskilled मजदूरी भी जोड़ी गई है. इसका मतलब यह है कि जब लाभार्थी परिवार अपने घर का construction कर रहा होगा, उसी दौरान उन्हें मनरेगा मजदूरी का भुगतान भी प्राप्त होगा, जिससे घर बनाते समय परिवार की रोज़ाना की रोजी-रोटी पर असर न पड़े. यह एक बहुत practical provision है jo PMAY-G में भी मौजूद है, और AAY ने इसे जस का तस अपनाया है.

Rs. 2 लाख कैसे और कितनी किस्तों में मिलते हैं

यह amount एक saath account में नहीं आता. राज्य सरकार ने इसे चार से पांच installments में distribute करने की व्यवस्था बनाई है ताकि construction के हर चरण पर निगरानी रखी जा सके और पैसे का सही use सुनिश्चित हो. पहली किस्त के रूप में 15 प्रतिशत यानी लगभग Rs. 30,000, दूसरी किस्त में 25 प्रतिशत यानी Rs. 50,000, तीसरी किस्त में 50 प्रतिशत यानी Rs. 1 लाख, और अंतिम किस्त में बाकी राशि release की जाती है. कुछ documents में इसे चार chronic installments के रूप में और कुछ में पांच के रूप में बताया गया है, लेकिन कुल राशि Rs. 2 लाख ही रहती है.

पहली किस्त घर की नींव डालने के लिए होती है, दूसरी किस्त plinth और दीवार level तक के निर्माण के लिए, तीसरी किस्त lintel level पूरा होने के बाद, और अंतिम किस्त छत और finishing कार्य के लिए release होती है. हर stage पर geo-tagged photo verification होती है, jiske लिए राज्य सरकार ने एक dedicated mobile app भी launch किया है jise आगे detail में बताया गया है. यदि किसी stage पर निर्माण कार्य रुका हुआ पाया जाता है या verification में कमी आती है, तो अगली किस्त होल्ड हो सकती है.

कौन apply कर सकता है

Eligibility criteria इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है क्योंकि isi के आधार पर final beneficiary list तैयार होती है. सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक झारखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए और किसी ग्रामीण क्षेत्र में रहता हो. आवेदक के नाम पर भारत में कहीं भी कोई pucca house नहीं होना चाहिए, और परिवार वर्तमान में या तो बिल्कुल बेघर होना चाहिए, या फिर kutcha house में रह रहा हो, या बेहद जर्जर हालत में हो.

प्राथमिकता उन परिवारों को दी जाती है जो SC, ST, PVTG (Particularly Vulnerable Tribal Group) श्रेणी से आते हैं, female-headed households हैं, persons with disabilities हैं, या जिनके परिवार पर natural disaster, बंधुआ मजदूरी, या किसी अन्य आपदा का असर पड़ा है. आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (EWS) के अंतर्गत आने वाले परिवार, jinki annual household income आमतौर पर Rs. 3 लाख से कम है, इस योजना के main target group में आते हैं, हालांकि final eligibility का निर्णय Gram Sabha की सिफारिश और local verification पर निर्भर करता है.

सबसे important बात यह है कि वह परिवार पहले से PMAY-G, Indira Awas Yojana, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना, या किसी अन्य सरकारी housing scheme का लाभार्थी नहीं होना चाहिए. यदि किसी परिवार को पहले इन schemes का लाभ मिल चुका है तो वह AAY के लिए eligible नहीं माना जाएगा.

कौन apply नहीं कर सकता (Exclusion Criteria)

राज्य सरकार ने कुछ साफ़ exclusion criteria भी रखे हैं ताकि वास्तविक ज़रूरतमंद तक ही लाभ पहुंचे. यदि किसी परिवार के पास पहले से एक pucca house है, या परिवार में कोई permanent government job में है, या परिवार की annual income Rs. 6 लाख से अधिक है, तो वह योजना से बाहर रखा जाता है. इसी प्रकार जिन परिवारों के पास कम से कम एक irrigation equipment के साथ 2.5 एकड़ सिंचित ज़मीन है, या 5 एकड़ या उससे ज़्यादा सिंचित ज़मीन है, उन्हें भी इस यojana के पात्र नहीं माना जाता क्योंकि उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम माना गया है. इसके अलावा यदि परिवार पहले से किसी central या state housing scheme का beneficiary रह चुका है, तो भी वह apply नहीं कर सकता.

ज़रूरी दस्तावेज़

Application process के समय कुछ basic documents की ज़रूरत पड़ती है. इसमें झारखंड का domicile या residence proof, Aadhaar card, valid mobile number, bank account passbook की copy, income certificate, और अगर लागू हो तो caste certificate शामिल हैं. यदि आवेदक के नाम पर ज़मीन है तो land ownership का proof भी देना होता है क्योंकि घर उसी ज़मीन पर बनेगा. एक recent passport size photograph और self-declaration form भी attach करना होता है jismein आवेदक यह घोषित करता है कि उसके पास कहीं और कोई pucca घर नहीं है.

Application कैसे करें: Aapki Sarkar Aapke Dwar Camps

यहाँ एक बहुत important बात समझ लीजिए. इस समय Abua Awas Yojana के लिए कोई direct online application portal active नहीं है jismein आम नागरिक खुद से form भर सके. राज्य सरकार ने आवेदन प्रक्रिया offline mode में रखी है, और इसके लिए “Aapki Sarkar, Aapke Dwar” नाम के विशेष camps हर पंचायत स्तर पर लगाए जाते हैं. इन camps में officials खुद आते हैं, application form distribute करते हैं, उसमें दर्ज जानकारी की जाँच करते हैं, और सभी आवश्यक documents के साथ application को collect कर लेते हैं.

आवेदन प्रक्रिया का flow इस प्रकार है: पात्र परिवार अपने गाँव या पंचायत में लगने वाले camp में पहुंचते हैं, वहाँ से free of cost application form प्राप्त करते हैं, उसमें नाम, Aadhaar number, mobile number, family details, current housing condition, income details आदि भरते हैं, और सभी ज़रूरी self-attested दस्तावेज़ों के साथ form वहीं officials को जमा कर देते हैं. इसके बाद form की एक receipt या acknowledgement slip ज़रूर माँगें jismein submission की date और unique reference number दर्ज हो. यह slip आगे status check करते समय काम आती है.

Camp के अलावा आवेदन Block Development Office (BDO), पंचायत office, या Mo Seva Kendra पर भी जमा किए जा सकते हैं. एक बार application जमा हो जाने के बाद local Panchayat और Gram Sabha स्तर पर सत्यापन होता है, jismein पड़ोसियों, गाँव के अन्य सदस्यों और पंचायत प्रतिनिधियों की राय भी ली जाती है ताकि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में न जुड़े. सत्यापन पूरा होने के बाद eligible families की final beneficiary list तैयार होती है और सूचना registered mobile number पर SMS के माध्यम से भेजी जाती है.

Geo-Tag Mobile App और Construction Monitoring

Construction के हर चरण की निगरानी के लिए राज्य सरकार ने एक dedicated mobile application तैयार की है जिसका नाम है Beneficiary Level Geo-Tag App, जिसका latest version Ver 2.1 (3 जनवरी 2026 को update हुआ) official website पर available है. इसके अलावा एक Geo-Tag App का version 3.5 (2 जनवरी 2026 update) और एक Panchayat Monitoring App version 1.5 (4 जनवरी 2026 update) भी portal पर मौजूद है, jise beneficiaries और local officials दोनों use करते हैं.

इस app का काम बहुत सीधा है. लाभार्थी या local representative निर्माण के हर stage पर घर की geo-tagged photo लेते हैं और app के माध्यम से upload करते हैं. यह photo सीधे department के central system में पहुंचती है और verification के बाद ही अगली installment release होती है. इस process से न केवल transparency आती है बल्कि fake claims भी रोके जा सकते हैं और funds का misuse कम होता है.

Beneficiary List और status कैसे check करें

जिन परिवारों ने आवेदन किया है, वे official portal aay.jharkhand.gov.in पर जाकर अपनी district-wise beneficiary list check कर सकते हैं. Portal पर “Data Entry & Verification Report” section दिया गया है, जहाँ राज्य के सभी ज़िलों की list available होती है. आवेदक को अपना ज़िला select करना होता है, उसके बाद block और पंचायत की जानकारी डालकर अपना नाम search किया जा सकता है. यदि आपका नाम final approved list में है तो आपको SMS के ज़रिये भी सूचना मिल जाती है, और इसके बाद पहली installment आने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है.

यदि किसी कारणवश आवेदन reject हो जाता है तो applicant के पास 30 दिनों के अंदर appeal करने का विकल्प होता है, jiske लिए अतिरिक्त दस्तावेज़ जैसे नया income certificate या updated land record जमा करना पड़ सकता है. Reject होने का सबसे आम कारण incomplete documents, गलत income declaration, या पहले से किसी अन्य housing scheme का beneficiary होना पाया गया है.

Abua Awas Yojana बनाम PMAY-G: एक तुलनात्मक नज़र

यह सवाल बहुत लोग पूछते हैं कि जब PMAY-G पहले से चल रही है तो AAY की क्या ज़रूरत थी, और ये दोनों योजनाएँ आपस में कैसे अलग हैं. सबसे बड़ा अंतर financial assistance में है. PMAY-G के तहत plain area में लगभग Rs. 1.20 लाख और hilly या difficult area में Rs. 1.30 लाख मिलते हैं, जबकि Abua Awas Yojana में सीधे Rs. 2 लाख दिए जाते हैं, यानी लगभग 60 से 65 प्रतिशत ज़्यादा. दूसरा अंतर scope का है. PMAY-G पूरे भारत में लागू है और SECC 2011 list के आधार पर चलती है, जबकि AAY केवल झारखंड के उन परिवारों के लिए है जो PMAY-G से किसी कारणवश छूट गए या जिन्हें केंद्र की list में जगह नहीं मिल पाई.

घर के size में दोनों लगभग बराबर हैं, यानी 25 से 31 square meters का built-up area, लेकिन AAY खासतौर पर 3 कमरों के साथ-साथ रसोई और शौचालय की guarantee देती है. Funding source भी अलग है: PMAY-G एक centrally sponsored scheme है jismein कुछ हिस्सा राज्य भी देता है, जबकि AAY पूरी तरह से झारखंड राज्य सरकार के बजट से funded है. दोनों योजनाओं में MGNREGA के तहत 95 days की मज़दूरी का प्रावधान common है.

योजना का phase-wise implementation

राज्य सरकार ने 8 लाख घरों के बड़े लक्ष्य को तीन phases में बाँटा है ताकि execution practical बना रहे. पहले phase (2023-24) में लगभग 2 लाख घरों का लक्ष्य रखा गया था, दूसरे phase (2024-25) में लगभग 3.5 लाख घरों का, और तीसरे phase (2025-26) में बाकी 2.5 लाख घरों को पूरा करने का plan है, ताकि 31 मार्च 2026 तक overall target को achieve किया जा सके. राज्य सरकार के data के अनुसार scheme launch के बाद से ही 31 लाख से ज़्यादा applications मिल चुके हैं और लगभग 29.97 लाख का सत्यापन भी पूरा हो चुका है, जो इस यojना की demand का अंदाज़ा देता है.

ज़मीनी हकीकत और कुछ चुनौतियाँ

हर बड़ी सरकारी योजना की तरह Abua Awas Yojana भी अपनी जगह पर कुछ चुनौतियों का सामना कर रही है. कुछ beneficiaries ने यह शिकायत की है कि पहली installment समय पर मिल जाने के बाद दूसरी या तीसरी किस्त मिलने में देरी हो रही है, जिससे निर्माण कार्य बीच में रुक जाता है. कुछ इलाकों में construction material की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि Rs. 2 लाख की सहायता भी पूरा घर बनाने के लिए कम पड़ जाती है, और परिवार को अपनी जेब से अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है. इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में Gram Sabha verification के दौरान local politics का असर भी देखने को मिलता है, jiski वजह से वास्तविक पात्र परिवारों को कभी-कभी छोड़ दिया जाता है. राज्य सरकार इन सभी मुद्दों पर लगातार काम कर रही है और grievance redressal के लिए “Online Complain/Redressal” का option भी portal पर दिया गया है jahaan beneficiaries अपनी समस्याएँ दर्ज कर सकते हैं.

Helpful Tip: घर बनाते समय बजट कैसे manage करें

Rs. 2 लाख की राशि में पूरा pucca house बनाना थोड़ा challenging हो सकता है, लेकिन कुछ practical steps से इसे manageable बनाया जा सकता है. सबसे पहले local और affordable construction material का चुनाव करें, जैसे fly-ash bricks जो concrete bricks से सस्ती होती हैं और equally durable हैं. दूसरा, local mason और daily wage workers को hire करें ताकि transportation और labour cost कम हो. तीसरा, MGNREGA के 95 days unskilled wage component का पूरा फायदा लें क्योंकि यह आपके construction labour खर्च का एक बड़ा हिस्सा cover कर सकता है. चौथा, Panchayat office से time-time पर guidance लेते रहें क्योंकि कई बार वहाँ से अतिरिक्त technical support या material supply की जानकारी भी मिल जाती है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: Abua Awas Yojana के तहत कितनी राशि मिलती है? उत्तर: इस योजना के तहत हर पात्र परिवार को कुल Rs. 2,00,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है, जो चार से पांच installments में सीधे bank account में transfer होती है. इसके अतिरिक्त 95 दिन की MGNREGA मजदूरी अलग से मिलती है.

प्रश्न: क्या Abua Awas Yojana online apply की जा सकती है? उत्तर: फिलहाल इस योजना के लिए कोई direct online application facility active नहीं है. आवेदन “Aapki Sarkar, Aapke Dwar” camps में, पंचायत office में, या BDO office में offline mode से ही जमा किए जा सकते हैं.

प्रश्न: यदि मैं PMAY-G से reject हो चुका हूँ तो क्या मैं AAY में apply कर सकता हूँ? उत्तर: हाँ, यह योजना खासतौर पर उन्हीं परिवारों के लिए बनाई गई है जो PMAY-G से किसी कारणवश छूट गए या reject हो गए, बशर्ते आप AAY की बाकी eligibility conditions पूरी करते हों.

प्रश्न: घर का कुल area कितना होता है? उत्तर: इस योजना के तहत बनने वाला घर लगभग 31 square meters के plinth area पर बनता है jismein 3 कमरे, एक रसोई और एक शौचालय शामिल होते हैं.

प्रश्न: पहली installment कब तक account में आती है? उत्तर: Application approval और final beneficiary list में नाम आने के कुछ हफ्तों के अंदर पहली installment Rs. 30,000 (कुल राशि का 15 प्रतिशत) सीधे bank account में transfer हो जाती है.

प्रश्न: क्या caste certificate ज़रूरी है? उत्तर: यदि आप SC, ST, या किसी आरक्षित category से आते हैं तो caste certificate अनिवार्य है. General category के लिए यह document ज़रूरी नहीं है लेकिन income certificate और domicile proof हर हाल में देना होता है.

प्रश्न: official website कौन सी है? उत्तर: Abua Awas Yojana की official website aay.jharkhand.gov.in है jahaan beneficiary list, mobile apps, और grievance redressal की सुविधा available है.

प्रश्न: Geo-tag app कहाँ से download करें? उत्तर: Beneficiary Level Geo-Tag App, Geo-Tag App, और Panchayat Monitoring App तीनों ही official portal aay.jharkhand.gov.in के “Important Links” section से directly download किए जा सकते हैं.

निष्कर्ष

Abua Awas Yojana झारखंड के उन लाखों परिवारों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो वर्षों से अपने पक्के घर के सपने को पूरा होते देखना चाहते हैं. यह योजना केवल ईंट और सीमेंट की बात नहीं है, बल्कि dignity, security और एक better future की foundation है. यदि आप या आपके आस-पास कोई परिवार इसके पात्रता मानदंडों में आता है, तो अपने नज़दीकी पंचायत office या Aapki Sarkar Aapke Dwar camp में जाकर तुरंत आवेदन करें. सही documents, सच्ची जानकारी, और थोड़े धैर्य के साथ यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि आपका application approve हो और आपके परिवार को भी एक pucca घर का अधिकार मिले. 31 मार्च 2026 की deadline को देखते हुए अब समय कम है, इसलिए जो परिवार अब तक apply नहीं कर पाए हैं, उन्हें जल्द से जल्द इस process को पूरा कर लेना चाहिए.

Scheme Details

Full NameAbua Awas Yojana: झारखंड के 8 लाख गरीब परिवारों को 3 कमरों का पक्का घर देने वाली राज्य योजना की पूरी जानकारी
Short TitleAAY
LevelState
Scheme Forझारखंड के गरीबों के लिए।
MinistryMinistry Of Rural Development
CategoriesHousing & Shelter
StatesJharkhand
GenderAll
Age Range18 — Any years
AreaRural
Income Limit₹300,000/year
Sourceaay.jharkhand.gov.in ↗
ALOK KUMARALOK KUMAR · 📅 09 Apr 2026 · 🔄 13 Apr 2026
ALOK KUMAR
Written by ALOK KUMAR 1 articles published

Ex-government employee with firsthand knowledge of scheme implementation. Reviews policy accuracy and ensures information reflects ground-level realities of government welfare delivery.

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  1. Santosh

    , Ghar Yojana

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